फुकेत: विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष यांग जीची से पहली मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ आपसी बहुआयामी भागीदारी को और बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।
कृष्णा और यांग ने आसियान देशों के विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन के अवसर पर मुलाकात की।
आगामी सात और आठ अगस्त को दिल्ली में भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी बातचीत का 13वां दौर शुरू होने से पहले हुई इस बातचीत को ''उपयोगी' और 'सौहार्दपूर्ण' बताते हुए कृष्णा ने कहा कि उन्होंने यांग से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस बीच दोनों पक्षों ने आपसी बहुआयामी सहयोग को और गहरा करने की इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि हमने दोनों देशों के आपसी व्यापार संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। अगले वर्ष तक इस व्यापार के 60 अरब डालर तक पहुंच जाने का अनुमान है।
कृष्णा ने एक सवाल पर कहा कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी तो हैं, लेकिन दोनों के आगे बढ़ने के पर्याप्त मौके हैं। बातचीत के दौरान दोनों देशों की सीमा के मुद्दे पर चर्चा होने के बारे में पूछने पर उन्होंने 'ना' में जवाब दिया।
यांग ने कहा कि वह राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की इस साल होने वाली चीन की यात्रा को ले कर उत्सुक हैं। बैठक के दौरान कृष्णा ने भारतीय राष्ट्रपति को अपने यहां आने का निमंत्रण देने के लिए चीन की सरकार के प्रति भारत की सराहना की। कृष्णा ने कहा कि ऐसी उच्चच्स्तरीय बातचीत से एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने और साझेदारी बनाने में मदद मिलती है।
विदेश मंत्री ने कहा कि वह अपने चीनी समकक्ष द्वारा दिखाई गई गर्मजोशी से अभिभूत हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उनके संपर्क में रहेंगे।



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