लंदन: यूरोपीय संघ का नया अध्यक्ष बनने की ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। ऐसा कहा जा रहा है कि महाद्वीप के नेताओं का समर्थन हासिल करने में वे विफल रहे हैं।
‘द संडे टेलीग्राफ’ के अनुसार उनके प्रमुख समर्थक फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने पद को लेकर ब्लेयर की उम्मीदवारी के संबंध में अपना मन बदल दिया है। ऐसा पश्चिम एशिया के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री के अपने रुख में परिवर्तन नहीं करने के कारण हुआ है।
सरकोजी के समर्थन के बिना ब्लेयर की उम्मीदवारी अंधकारमय दिख रही है। ब्लेयर की उम्मीदवारी को अनाधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन और ब्रिटिश सरकार का समर्थन हासिल है।
ब्लेयर को जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के समर्थन की भी जरूरत होगी। लेकिन ब्रूसेल्स की वरिष्ठ हस्तियों का अब कहना है कि मर्केल इस बात को लेकर कभी उतनी उत्सुक नहीं थीं कि ब्लेयर को यह पद मिले।
अखबार ने बताया कि ब्रूसेल्स में सूत्रों के अनुसार अब इस पद के लिए जिस व्यक्ति को तगड़ा दावेदार माना जा रहा है उसमें स्पेन के करिश्माई समाजवादी नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री फेलिप गोनजालेस हैं। उनकी सरकार तीन साल पहले एक स्कैंडल को लेकर गिर गई थी।
गोंजालेस सरकोजी द्वारा नियुक्त यूरोपीय संघ के ‘वाइज मेन्स’ समूह की भी प्रमुख हैं। यह अध्यक्ष की दावेदारी पेश करने का उपयुक्त मंच है। गोंजालेस के प्रवक्ता जोकिन तजार ने कहा कि एक बार लिस्बन संधि के पारित हो जाने के बाद सरकोजी गोंजालेस की उम्मीदवारी के पक्ष में हैं।



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