नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि उन्होंने जी-8 और जी-5 में शामिल देशों से पाकिस्तान पर आतंकवाद का रास्ता छोड़कर भारत से दोस्ती का दाबाव बनाने की अपील की है। इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने अगले सप्ताह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से होने वाली मुलाकात से पहले कहा है कि पाकिस्तान को अपने यहां भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंककारियों से निपटने के लिए विश्वसनीय कार्रवाई करने की जरूरत है।
इटली में अमीर देशों के संगठन जी- आठ की शिखर बैठक से लौटते समय प्रधानमंत्री ने संवादाताओं से कहा कि "मैं पाक प्रधानमंत्री गिलानी से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं। मुझे उम्मीद है कि उस मुलाकात के बाद पाकिस्तान की ओर से इस बात का पुख्ता भरोसा मिलेगा कि मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल आतंकी नहीं कर पाएंगे। अगर पाकिस्तान की ओर से ये कदम उठाए जाते हैं तो दोनों देशों के संबंधों में कायम दूरी काफी हद तक कम हो सकती है।" उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर परेशानियां हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि "हमारी उम्मीदें अभी भी कायम हैं। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त ने आईएसआई प्रमुख और पाक विदेश मंत्रालय से बातचीत की है। उम्मीद है कि मुंबई हमले में शामिल लोगों को पाकिस्तान दंडित करेगा।" गौरतलब है कि मनमोहन और गिलानी अगले सप्ताह मिस्त्र के शहर शर्म-अल-शेख में गुटनिरपेक्ष देशों की शिखर बैठक के दौरान मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इटली में आयोजित अमीर देशों के संगठन जी-आठ और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन जी-पांच की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के बाद शनिवार सुबह स्वदेश लौट आए। पीएम ने विशेष विमान में जारी एक बयान में कहा कि "मैं जी-पांच, जी-8 और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात के बाद लौट रहा हूं। आर्थिक मसलों और जलवायु परिवर्तन पर भी बैठकें हुई।"



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