नई दिल्ली: जॉन बुकानन की किताब से रोज नए विवाद बाहर निकल रहे हैं। जॉन बुकानन ने आईपीएल के पहले सीजन के बाद ही सौरव गांगुली को टी20 क्रिकेट को अलविदा कहने की सलाह दी थी। बुकानन ने अपनी किताब में सौरव गांगुली को टी 20 क्रिकेट के लिए अनफिट बताया था।
कोलकाता नाइट राईडर्स के पूर्व कोच जॉन बुकानन ने अपनी किताब ‘द फ्यूचर ऑफ क्रिकेट- द राइज ऑफ ट्वंटी 20’ में इस बात का खुलासा किया है कि उन्होंने गांगुली को टी 20 क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए कहा था। हालांकि, उस समय टीम के कप्तान रहे सौरव ने उनकी इस सलाह को मानने से इंकार कर दिया।
बुकानन ने कहा, ‘मैंने पहले आईपीएल के पहले सीजन के बाद उन्हें एक सलाह दी थी जो उन्होंने नहीं मानी।‘ बुकाननने कहा, ‘मैंने सौरव से कहा था कि वह जितना टी 20 क्रिकेट खेलेंगे, उतना ही उन्हें नुकसान होगा।‘ इसके जवाब में सौरव ने कहा था कि सौरव ने मुझसे कहा कि वह एक साल और टी 20 क्रिकेट खेल सकता है। उसने कहा कि उसका मुख्य लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह बनाना है। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले उन्होंने इस मुकाम को हासिल भी किया।‘
बुकानन ने कहा, सौरव ने मुझसे कहा था कि आपकी सलाह का शुक्रिया, लेकिन मैं आपकी राय से सहमत नहीं हूं। बुकानन का मानना था कि ट्वंटी 20 क्रिकेट सौरव जैसे खिलाडि़यों के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, गांगुली ने भारत में अपने आपको एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया। मुझे लगता था कि आईपीएल को खेलकर वह इस ब्रांड को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच बुकानन ने माना कि वे पहले आईपीएल के अंत तक गांगुली को समझ नहीं पाए थे। उन्होंने कहा, हमारा कप्तान सौरव गांगुली, द प्रिंस ऑफ कोलकाता या दादा, जैसा कि उसे प्यार से कहा जाता है, उसका चरित्र आकर्षक है, विरोधाभास से भरा व्यक्ति है। मुझे पूरा भरोसा है कि मनोचिकित्सकों को वह दिलचस्प लगेगा। बुकानन ने कहा कि मेरे साथ उसका बर्ताव हमेशा अच्छा रहा, लेकिन फिर भी टूर्नामेंट खत्म होने के बाद मुझे अब भी लगता है कि मैं उसे नहीं जानता।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कोच ने 2004 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टॉस के लिए देरी से आने की गांगुली की आदत के बारे में भी बात की। गांगुली की इस आदत ने विरोधी कप्तान स्टीव वॉ को नाराज कर दिया था।
उन्होंने कहा, मैं आईपीएल में सौरव गांगुली के बारे में खुले दिमाग के साथ उतरा था। वे उस ऑस्ट्रेलियाई टीम के विरोधी थे जिसे मैंने कोचिंग दी थी। वह बहुत अच्छे एक इंसान हैं, लेकिन वे अपनी दुनिया में जीते हैं। बुकानन ने कहा, टॉस के लिए देरी से आकर वह स्टीव वॉ को को उकसाना चाहते थे। हो सकता है कि यह रणनीति का हिस्सा हो, लेकिन साथ ही वह इसकी अहमियत से भी अंजान थे। विरोधियों को नाराज करना हमेशा गांगुली की पहले से सोची समझी रणनीति का हिस्सा नहीं होता था।



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