इस्लामाबाद: अपनी बाकी जिंदगी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गुजारने के लिए के भारतीय बंदी सरबजीतसिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भावुक अपील कर माफी की दरख्वास्त की है। गौरतलब है कि सरबजीत की मौत की सजा के खिलाफ याचिका खारिज कर दी गई है।
जरदारी को बुधवार को सौंपी जाने वाली क्षमा याचिका में सरबजीत ने लिखा है- ‘मैं सरबजीतसिंह, सजा-ए-मौत सुनाया जा चुका बंदी, बीते 19 वर्ष से जेल की काली कोठरी में बंद हूँ।''
सरबजीत ने उर्दू में लिखी अपनी याचिका में कहा- ‘मैं आपसे अल्लाह और इंसानियत की बिना पर अपील करता हूँ कि कृपया मुझे माफी दे दें, ताकि मेरे पास जो कुछ बचे हुए महीने और साल हैं, वे मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अपने वतन में गुजार सकूँ।'
सरबजीत के नए वकील ओवैस शेख के अनुसार, मौत की सजा के खिलाफ अपील सुप्रीम कोर्ट में खारिज होने के बाद जरदारी के समक्ष ताजा याचिका बुधवार को दाखिल की जाएगी।
भारतीय बंदी ने पत्र में पाकिस्तान के राष्ट्रपति को याद दिलाया कि आपका मजहब इस्लाम बदला लेने की बजाय माफ करने की सीख देता है। मैं अल्लाह से आपकी लंबी उम्र और खुशी के लिए दुआ माँगता हूँ।



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