नई दिल्ली: वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज लोकसभा में वर्ष 2009-10 का आम बजट पेश किया। लोकसभा में आज सुबह 11.00 बजे कार्यवाही शुरू होते ही प्रणब मुखर्जी ने आम बजट संसद के पटल पर रखा। बजट भाषण की शुरूआत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव में यूपीए सरकार को विकास के लिए जनादेश मिला इसलिए आम बजट में स्थायित्व और विकास पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी को देखते हुए देश के सामने कई चुनौतियां और आम बजट में इन चुनौतियों का सामना करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्राथामिक स्वास्थ्य का ढांचा मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथामिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रति वर्ष 9 फीसदी विकास दर का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की जाएगी।
वहीं, रोजगार के क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए हर साल 1.2 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है। प्रणब मुखर्जी का बजट भाषण जारी है। उल्लेखनीय है कि मुखर्जी चौथी बार बजट पेश कर रहे हैं। इससे पहले जनवरी 1982 से दिसम्बर 1984 के बीच तीन बार आम बजट पेश कर चुके हैं।
बजट के मुख्य बिन्दु :
- नई ऊर्जा संचार वितरण प्रणली सुधारणा
- 9 फीसदी विकास दर हासिल करना
- हर साल 1.20 करोड़ नौकरियां देने का लक्ष्य
- प्राइमरी हेल्थ ढांचा मजबूत करना
- जीडीपी विकास दर 6.7 फीसदी रही
- विदेशी मुद्रा कोष में बढ़ोतरी हुई
- मंदी से उबरने के लिए तीन पैकेज
- 2014 तक देश की गरीबी आधी की जाएगी
- बुनियादी ढांचे में एक लाख करोड़ की मदद
- हाइवे प्रोजेक्ट का बजट 23 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव
- नेहरू अर्बन मिशन का बजट 80 फीसदी बढ़गा
- मुंबई के बुनियादी ढांचे के लिएण् 500 करोड़ रूपए
- शहरी आवासों के लए 4000 करोड़ रूपए
- मुंबई के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लिए 300 करोड़ रूपए
- नेशनल गैर ग्रिड का विकास किया जाएगा
- समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को एक फीसदी की छूट
- 200-10 में कृषि ऋण 3.25 लाख करोड़ रूपए
- कृषि ऋण माफी योजना छह माह बढ़ी



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