नई दिल्ली/लाहौर। भारत के गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के उस बयान को खारिज किया है, जिसमें कहा गया है कि लाहौर हमला मुंबई हमले से मिलता-जुलता है।
चिदंबरम ने लाहौर हमले की निंदा करते हुए कहा कि दुख और संकट की इस घडी में भारत की पूरी संवेदना पाकिस्तान सरकार और वहां की जनता के साथ है।
चिदंबरम ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुंबई हमले का लाहौर में आज पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर हुए हमले से कोई लेना—देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि, आतंककारियों ने जिस तरह से ट्रेनिंग सेंटर पर धावा बोला वह 26 नवंबर को मुंबई में होटल ताज, नरीमन प्वाइंट और होटल ओबेरॉय—ट्राइडेंट की तर्ज पर है। लेकिन इसके बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि लाहौर और मुंबई में हुए हमले एक जैसे हैं। चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि मुंबई हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान की जमीं पर रची गई और उसमें पाकिस्तानी आतंककारियों का हाथ था। लेकिन लाहौर हमले में अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि इसके पीछे किस आतंककारी संगठन का हाथ है। ऎसे में यह लाहौर हमले की तुलना मुंबई हमलों से करना ठीक नहीं है।
लाहौर हमला 26/11 की तर्ज पर: रहमान मलिक
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने कहा था कि लाहौर पुलिस केंद्र पर आज हुआ आतंकी हमला मुंबई आतंकी हमलों से मिलता-जुलता है। मलिक ने "जियो टीवी" को बताया कि लाहौर हमला, मुंबई पर 26-29 नवंबर को हुए आतंकवादी हमलों से मिलता-जुलता है। मुंबई हमलों में करीब 170 लोग मारे गए थे।
लाहौर में जारी हमले के बीच मलिक ने कहा कि "देश पर यह हमला उन ताकतों ने कराया है जो पाकिस्तान में स्थायित्व नहीं चाहतीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तथा हर स्तर पर तालमेल होना चाहिए।" मलिक ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की लहर का निशाना बन रहा है। उन्होंने कहा कि आतंककारी प्रशिक्षित हैं और आतंक को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि जिस पुलिस प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाया गया उसमें सुरक्षा प्रबंध नहीं थे और वे इमारते आतंकी हमले नहीं रोक सकतीं। उन्होंने बताया कि "नई इमारतों में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होंगे।"



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