मुंबईः मुंबई पर हुए पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले के दौरान अकेले जिंदा पकड़े गए आतंकवादी अजमल आमिर कसाब ने मुंबई की किला अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को स्वीकार किया वह हमले में जिंदा पकड़े गए आतंकवादी अहमल कसाब ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश के सामने स्वीकार किया कि मैं पाकिस्तान के फरीदकोट का रहने वाला हूं। कसाब ने अदालत से गुहार की कि उसे अपना पक्ष रखने के लिए एक वकील मुहैया कराया जाए। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही है।
उल्लेखनीय है कि पाक शुरू से ही इनकार करता आया है कि कासब पाक का निवासी नहीं है। कासब के यह बयान मामले में नया मोड ला सकता है। भारत ने मुंबई हमलों के सिलसिले में पाकिस्तान के 30 सवालों के जवाब भेजे थे जिसमें कासब की डीएनए रिपोर्ट भी थी।
कासब ने आज जज के सामने वकील की भी मांग की। कासब ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दिया कि उसे वकील की जरूरत है। यह पूछे जाने पर कि क्या उसके पास पैसे हैं तो कासब ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं है। कासब ने कहा कि वह अपने खर्चे से वकील तय नहीं कर सकता इसलिए उसे सरकारी वकील दिया जाए।
कासब और दो अन्य अभियुक्तों के खिलाफ आज से मुकदमा शुरू होगा। कासब के अलावा सबाउद्दीन और फहीम को मुंबई हमले का आरोपी बनाया गया है।



<< पिछला अगला >>