नेपाल: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल (प्रचंड) ने राष्ट्रपति के खिलाफ पार्टी के प्रस्ताव पर संसद में बहस नहीं होने की स्थिति में जनविद्रोह की चेतावनी दी है।
प्रचंड ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संविधान सभा में प्रस्ताव पर बहस नाकाम रहने के बाद माओवादियों ने संघर्ष की शुरूआत कर दी है और यदि उनका प्रस्ताव लगातार नकारा जाएगा तो जनविद्रोह के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने सरकार पर संविधान निर्माण और शांति प्रक्रिया को दरकिनार करने का आरोप लगाया।
प्रचंड ने एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (यूएमएल) गठबंधन में एकता अभाव होने की बात कहते हुए बताया कि इसके कुछ नेताओं ने उन्हें वैकल्पिक सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के विभिन्न घटकों के बीच विवाद गहरा रहा है जिससे इसके जल्द गिरने की संभावना बन रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी के संविधान सभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण इसके नेतृत्व में ही सरकार बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद वैकल्पिक सरकार के बारे में विचार किया जाएगा।



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