इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत और पाकिस्तान के सभी आपसी मसलों का हल होना जरूरी है, ताकि दोनों मुल्क अपने-अपने लोगों की समस्या पर ध्यान दे सकें।
गिलानी ने कहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और पाकिस्तान कश्मीर समेत सभी लम्बित मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत करने के लिये तैयार है।
पाकिस्तान के भारत के साथ रिश्तों के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका देश हमेशा मानता रहा है कि सम्बन्ध समानता के आधार पर बनने चाहिये।
गिलानी ने कहा कि लम्बित मसलों के सुलझने से दोनों देशों को उपमहाद्वीप की डेढ़ अरब आबादी की समस्याओं पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। इन समस्याओं में बेरोजगारी, महंगाई, मूलभूत ढांचे की कमी और जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर समेत सभी लम्बित मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत के लिये तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम कूटनीतिक तथा सैन्य माध्यम से अमेरिका को इस बात के लिये तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन हमलों से आतंकवाद के खिलाफ युद्ध पर गलत असर पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि अमेरिका इस बात को समझेगा।
गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका से आतंकवादियों के बारे में कार्रवाई योग्य सूचना को साझा करना और ड्रोन प्रौद्योगिकी का अपने पक्ष में हस्तांतरण चाहता है, क्योंकि देश की सेना आतंकवादियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
एक अन्य सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद पाकिस्तान के सामने खड़ी चुनौतियों में से एक है और जब उग्रवादियों ने सरकार के साथ किये गए समझौते का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
यह पूछने पर कि परेशानियों से घिरी उनकी सरकार क्या अपना कार्यकाल पूरा कर सकेगी। गिलानी ने कहा कि राजनीति तो दिन-ब-दिन रंग बदलने वाली चीज है। इसमें तो एक हफ्ता भी अर्से की तरह है।
उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं सोच रहा हूं कि मैं अगला चुनाव जीत पाउंगा या नहीं। मैं यह सोच रहा हूं कि देश में स्थायित्व कैसे लाया जाए। गिलानी ने कहा कि देश में स्थायित्व सुनिश्चित करने और मुल्क को सही राह पर लाने के लिये कुछ कड़े फैसले लेने होंगे।



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