श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता ने कहा, ''आखिर क्यों शोपियां मामले की जांच में देरी हो रही है। जबकि इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश भी हैं। यह देरी सरकार के इरादे पर शक पैदा कर रही है।'
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आज जारी अपने बयान में कहा, 'इस मामले में जांच प्रक्रिया को तेजी से और अधिक पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाये जाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि इस मामले पर पर्दा डालने तथा साक्ष्य मिटाने में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को ही जांच का उद्देश्य नहीं बनाया जाना चाहिए बल्कि इसका लक्ष्य अपराध करने वालों की पहचान कर उन्हें दंडित करना होना चाहिए।
महबूबा ने आरोप लगाया कि नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
महबूबा ने कहा व्यवस्था में लोगों का विश्वास बहाल करने की दिशा में प्रयास किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा खिगाम में गुपकर हत्या मामला समेत बोमई, कुपवारा, बांदीपुरा सहित दर्जनों हत्या मामलों में अज्ञात बंदूकधारी शामिल हैं और इसे सुलझाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कानून अनुपालन एजेंसियों को असहाय लोगों को प्रताड़ित किये जाने के संबंध में जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए।
कश्मीर में नागरिक क्षेत्र के विसैन्यीकरण तथा एएफएसपीए को हटाए जाने की पार्टी की मांग पर जोर देने की वकालत करते हुए महबूबा ने कहा कि जब तक ऐसा नहीं किया जाता है तब तक राज्य में लोकतांत्रिक एवं नागरिक संस्थाएं स्वतंत्रतापूर्वक खुली सांस नहीं ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में किसी भी आवाज को दबाया नहीं जा सकता है क्योंकि लोगों ने आपने प्रतिनिधियों को भारी बहुमत से चुना है और लोग व्यवस्था के तहत उनसे काम करने की उम्मीद करते हैं।



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