लंदन: इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने 2010 सीजन के लिए अपने घरेलू क्रिकेट कैलेंडर से 50 ओवर के क्रिकेट का फॉरमेट हटा दिया है। इसके साथ ही ईसीबी ने यह भी कहा है कि साल 2011 विश्व कप के बाद आईसीसी भी वनडे क्रिकेट के भविष्य पर गंभीरता से विचार करेगी।
ईसीबी का ताजा फैसला फटाफट क्रिकेट के भविष्य पर सवालिया निशान उठाता है। प्रथम श्रेणी काउंटी टीमों के साथ 12 महीने की विस्तृत चर्चा के बाद बने इस नए घरेलू कार्यक्रम में 4 वनडे मैच, ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट और रविवार को होने वाली 40 ओवर की लीग शामिल हैं। प्रथम श्रेणी काउंटी ने नए घरेलू कार्यक्रम को 13-5 मतों से मंजूरी दे दी।
ईसीबी के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क ने अपने एक बयान में कहा, ''हर कोई जानता है कि आईसीसी सदस्य 2011 के विश्व कप के बाद खुद 50 ओवर क्रिकेट की समीक्षा करेगी। उन्हें लगता है कि प्रथम श्रेणी काउंटी टीमों के घरेलू क्रिकेट की समीक्षा के फैसले को देखते हुए इंग्लैंड लायंस मैचों के कार्यक्रम को बढ़ा देना चाहिए।'
क्लार्क ने कहा, 'निदेशकों और कोचों ने अपने काउंटी मत के जरिए रिपोर्ट किया कि विश्व क्रिकेट में सबसे ऊपरी पायदान पर बैठी दक्षिण अफ्रीका भी अपने घरेलू स्तर पर 50-50 ओवरों के मैच नहीं खेलती। हालांकि इंग्लैंड और इंग्लैंड लायंस की टीमें आईसीसी की समीक्षा पूरी होने तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 ओवरों के मैच खेलना जारी रखेंगी।‘'
घरेलू स्तर पर अब सीमित ओवर टूर्नामेंट में 40-40 ओवरों के मैच खेले जाएंगे। ये मैच पूरे सीजन में मुख्य तौर पर रविवार की दोपहर को खेले जाएंगे। इसमें तीन पूल होंगे और एक पूल में सात टीमें होंगी। टीमें छह मैच घरेलू और छह दूसरी जगह पर खेलेंगी। इसके बाद टीमें सितंबर में सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंच जाएंगी। इस टूर्नामेंट में पावर प्ले और फील्डिंग की बाध्यताएं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के स्तर के हिसाब से ही होंगी।
ईसीबी ने यह भी फैसला किया कि एल वी काउंटी चैंपियंनशिप 2010-2013 तक आठ मैच घरेलू और आठ दूसरी जगह पर खेले जाने वाले मुकाबलों का दो डिविजन का टूर्नामेंट होगी।



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