जयपुर (साई)। जयपुर में हुक्का बारों पर लगाई गई रोक जारी रहेगी। आज गृह विभाग ने इस बारे में एक अधिसूचना जारी की। गौरतलब है कि जयपुर पुलिस द्वारा हुक्का बारों पर लगाई गई रोक की अवधि कल समाप्त हो गई थी। हुक्का बारों में इस्तेमाल होने वाले तम्बाकू और निकोटिन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हुक्का बार चलाने वाले लोगों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जा सकेगा।
राज्य सरकार के गृह विभाग ने अपने यहां से जारी एक अधिसूचना के अंतर्गत अवैध रूप से संचालित हुक्का बारों को प्रतिबंधित किये जाने की पुलिस आयुक्त की रोक पर अपनी मुहर लगाते हुए इस पर अपनी सहमति जतायी है। अधिसूचना के अनुसार जयपुर महानगर में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत अवैध रूप से संचालित हुक्का बारों पर भविष्य में भी रोक जारी रहेगी। इसके तहत ‘हुक्का बार’ संचालित करते पाये जाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत उपबन्धित प्रावधानों के तहत दंडनीय अभियोग चलाया जायेगा।
गौरतलब है कि ‘हुक्का बार’ द्वारा उपलब्ध करवायी जा रही धुम्रपान सामग्री में पाये जाने वाले जहरीले पदार्थ ‘निकोटीन’ के मानव स्वास्थ्य पर पडने वाले हानिकारक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा इस सबंध में जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि हुक्का बारों द्वारा लागों को खासकर युवक युवतियों और स्कूल, कॉलेज छात्र छात्राओं को नशे का आदि बनाया जा रहा था। ऐसे में नई पीढी को नशे की प्रवृति से बचाने और उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर इससे पडने वाले विपरीत प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि ‘हुक्का बार’ पर रोक भविष्य में भी जारी रखी जाए।
‘हुक्का बार’ पर रोक की राज्य सरकार की अधिसूचना के साथ ही पुलिस आयुक्तालय ने जयपुर महानगर स्थित समस्त थाना क्षेत्रों के जरिये इस सबंध में प्रभावी प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश दिये हैं।

