विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली हरियाणा की चार दिन पुरानी कांग्रेस सरकार ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया।
विपक्षी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस को 90 सदस्यीय विधानसभा में 47 मत हासिल हुए। कांग्रेस के 40 में से 39 विधायकों ने मतदान में भाग लिया।
विधानसभा अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चत्था ने विधानसभा में सरकार के विश्वास मत हासिल किए जाने की घोषणा की। सदन में विश्वास प्रस्ताव मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने खुद पेश किया।
कांग्रेस विधायकों के साथ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक तथा सात निर्दलीय विधायकों ने विश्वास मत के पक्ष में वोट दिया।
इनेलो नेता ओमप्रकाश चौटाला ने हुड्डा सरकार पर विश्वास मत हासिल करने में जल्दबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वास मत पर बहस के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। चौटाला ने हुड्डा सरकार को एक अल्पमत सरकार बताया।
इस पर कांग्रेसी सदस्यों ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों की संख्या की गिनती करा सकता है।
ज्ञात हो कि इनेलो के सदन में 31 विधायक हैं।
यद्यपि 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में सामान्य बहुमत के लिए 46 विधायकों की जरूरत होती है, लेकिन कांग्रेस को विश्वास मत हासिल करने के लिए मात्र 42 विधायकों के समर्थन की ही जरूरत थी, क्योंकि हरियाणा जनहित कांग्रेस ने अपने छह विधायकों के साथ विश्वास मत में हिस्सा न लेने का फैसला किया।



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