अब जबकि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर सरकार घिरी हुई है। ऐसे वक्त पर पीएम का कहना है कि शुचिता के लिए हमें लंबी दूरी तय करना होगी तो पीएम ही बताएं की देशवासी आखिर कितना इंतजार करें।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष कई वैधानिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए। फिर भी सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा शुचिता लाने के लिए अभी हमें लंबी दूरी तय करनी है। राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार तथा राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की जरूरत है। इन क्षेत्रों में पिछले एक साल में हम निरंतर आगे बढ़े। हमने संसद में सिटिजन चार्टर विधेयक पेश किया। मनमोहन सिंह ने संसद के पिछले सत्र में लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक पारित नहीं किए जा सकने पर अफसोस जताया।
चारा घोटाले में अब लालू, जगन्नाथ की बारी
रांची। चारा घोटाले के 54 में से 41 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और उनमें फैसले सुनाए जा चुके हैं और अब बारी वीआईपी मुकदमों की है जिनमें मुख्य आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लाल प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र समेत कई दिग्गज है। लालू और मिश्र समेत कई दिग्गजों की गवाही सीबीआई की विशेष कोर्ट में 14 फरवरी को कलमबद्ध की जाएगी।
मामला चाईबासा कोषगार से 37 करोड़ 70 लाख 39 हजार 743 रुपए की अवैध निकासी का है। यह निकासी 1994 से 95 के बीच की गई थी। इस मामले में लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र, आरके राणा, विद्यासागर निषद, आईएएस अधिकारी सजल चक्रवर्ती आरोपी है। वहीं जगदीश शर्मा व आईएएस महेश प्रसाद के बयान 13 फरवरी को दर्ज होंगे। बयान सीबीआई, रांची के विशेष जज जीके सिंह की कोर्ट में सीआरपीसी के तहत दर्ज होंगे। इसमें सभी आरोपियों को स्वयं उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने होंगे।
इसी मामले में लालू प्रसाद ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद उन्हें अस्थायी जेल में रखा गया था। मामलें में कुल 46 अभियुक्त हैं : 56 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था जिसमें सात का निधन हो गया और दो सरकारी गवाह बन गए। वहीं एक ने दोष स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि जिस दिन आरोपियों का बयान होगा, उसी दिन बचाव पक्ष की ओर से गवाह का नाम देना होगा।

