काहिरा| मिस्र के पोर्ट सईद शहर में एक फुटबॉल स्टेडियम में बुधवार रात मची भगदड़ और संघर्ष में कम से कम 74 लोग मारे गए हैं और करीब 1000 घायल हो गए। इस घटना के बाद देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक फुटबाल मैच में पोर्ट सईद की घरेलू टीम अल-मासरी ने काहिरा में मिस्र के शीर्ष फुटबाल क्लब अल-अहले को 3-1 से हरा दिया। जीत दर्ज करने के बाद अल-मासरी के प्रशंसक मैदान में उतर पड़े जिसके बाद मैदान में हिंसक संघर्ष शुरू हो गया।
समाचार एजेंसी के मुताबिक अल-मासरी के प्रशंसक पहले काहिरा स्थित अल-अहली के समर्थकों से भिड़े और इसके बाद उन्होंने अल-अहली के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के दल पर हमला किया। इस हमले की वजह से स्टेडियम में भगदड़ मच गई। भगदड़ के समय स्टेडियम में करीब 40,000 लोग मौजूद थे।
स्टेडियम में मौजूद रहे अहमद गफ्फार ने सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर कहा, "मासरी के प्रशंसकों को हम तक पहुंचने के लिए पुलिस ने रास्ता खोल दिया..जब अहली के प्रशंसकों ने उनसे बचकर दरवाजे की तरफ भागने की कोशिश की तो उन्होंने निकास द्वार जो सामान्य रूप से खुले रहते हैं, उन्हें बंद पाया।"
अहमद ने बताया कि प्रशंसक स्टेडियम के कॉरीडोर में बुरी तरह फंस गए थे। निकास दरवाजे के टूट जाने के बाद मची भगदड़ में काफी लोग मारे गए और इस हादसे के 20 मिनट बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोलियां चलानी शुरू की।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यह त्रासदी देश के वर्तमान शासन के खिलाफ एक नाराजगी है।
अल-अहली के एक प्रशंसक ने बीबीसी को बताया, "लोग वर्तमान शासन से नाराज हैं..आप उनकी आंखों में गुस्से को देख सकते हैं।"
ज्ञात हो कि देश में पिछले साल हुए जनविद्रोह के बाद राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने वाले हुस्नी मुबारक इस समय मुकदमे का सामना कर रहे हैं। मुबारक पर आरोप है कि उन्होंने अपने तीन दशकों के शासन के खिलाफ 18 दिनों तक चले विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
वहीं, देश की सत्ता की बागडोर सम्भाल रही सुरक्षा बलों की सर्वोच्च परिषद (एससीएएफ) ने पोर्ट सईद प्रांत के गवर्नर और सुरक्षा विभाग के प्रमुख को बर्खास्त कर दिया है।
इस बीच, एससीएएफ ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "एससीएएफ प्रमुख ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, जो गुरुवार से शुरू हुआ है और शनिवार तक जारी रहेगा।"
पोर्ट सईद में हुए हंगामे की खबर आने के बाद काहिरा में अल-इस्माइली और जमलेक टीमों के बीच होने वाला एक अन्य फुटबॉल मैच रद्द कर दिया गया। जबकि मिस्र फुटबॉल संघ ने देश की चैम्पियनशिप के सभी मैच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए हैं।
मिस्र के सरकारी टीवी पर सभी मिस्रवासियों से रक्तदान कर पोर्ट सईद में घायलों की मदद करने के लिए कहा गया है। सेना को गम्भीर रूप से घायलों को काहिरा के अस्पतालों में लाने के लिए दो विमान दिए गए हैं।
फीफा के अध्यक्ष जोसफ ब्लैटर ने इसे फुटबॉल के लिए काला दिवस बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी भयावह स्थिति कल्पना से परे है और ऐसा नहीं होना चाहिए।
यह 1996 में ग्वाटेमाला सिटी की घटना के बाद से फुटबॉल के इतिहास में हुआ सबसे भयावह हादसा है। ग्वाटेमाला सिटी में ग्वाटेमाला व कोस्टारिका के बीच विश्व कप क्वालीफाइंग मैच से पहले मची भगदड़ में 80 लोग मारे गए थे और 180 घायल हुए थे।

