नई दिल्ली: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हो रही बेतहाशा वृद्धि के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र के पास इससे निपटने के लिए आवश्यक सामूहिक दृष्टि का अभाव है।
महंगाई के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा बुलाए गए मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने आए मोदी ने सम्मेलन से इतर पत्रकारों से चर्चा में कहा, "महंगाई से निपटने के लिए जिस सामूहिक दृष्टि की आवश्यकता है, केंद्र सरकार के पास उसका अभाव है। राज्य सरकारें सक्रियता से कदम उठाने को तत्पर हैं लेकिन केंद्र के पास दृष्टि का अभाव है।"
इस बैठक को बहुत पहले बुलाए जाने की आवश्यकता जताते हुए मोदी ने कहा, "बढ़ती महंगाई रोकने के लिए केंद्र सरकार को एक कार्य योजना लेकर आने की जरूरत थी लेकिन इसके बावजूद सरकार इस बैठक में ऐसी कोई कार्य योजना लेकर नहीं आई।"
खाद्य पदार्थो के उत्पादन में आई वृद्धि के लिए किसान समुदाय को बधाई देते हुए मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी गलत नीतियों के चलते खाद्यान्नों की अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10 फीसदी अनाज जमा करने की प्रक्रिया के दौरान बेकार हो जाता है जबकि 30 फीसदी खुले स्थान में रखे जाने के कारण बर्बाद हो जाता है।
मोदी ने दावा किया कि महंगाई रोकने के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मजबूती से कदम उठाए जबकि कांग्रेस शासित राज्य ऐसा करने में विफल रहे।



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