जबलपुर: बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस के आतंकवादी निरोधी दस्ते (एटीएस) एवं स्थानीय पुलिस ने सिमी के चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आतंकियों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) शरदचंद्र सक्सेना की अदालत पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बचाव पक्ष के वकील नईम खान ने बताया कि एटीएस एवं स्थानीय पुलिस ने अफरोज एवं आजाद निवासी जबलपुर तथा इमरान एवं अमजद निवासी जयपुर पर सिमी कार्यकर्ता होने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सीजेएम की अदालत में चारों युवकों ने बताया कि पुलिस ने उन्हें गत 30 अक्टूबर को हिरासत में लिया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी बुधवार को प्रदर्शित की गई।
खान ने कहा कि पुलिस ने इन चारों को आज सीजेएम की अदालत में पेश किया तथा पुलिस ने रिमांड की मांग की, जिसे 13 नवंबर तक के लिए मंजूर कर लिया गया। पुलिस को इन पर तीन साल पहले जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट में शामिल होने का शक है। खान ने कहा कि पुलिस ने अदालत में यह भी दावा किया है कि ये चारों सिमी के लिए धन का इंतजाम भी करते हैं।
उधर, इंदौर की एक अदालत ने अहमदाबाद के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में दो आरोपियों समेत पांच सिमी कार्यकर्ताओं को 17 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन से जुड़े मोहम्मद शफीक, मोहम्मद यूनुस, शेख साजिद, अरशद खां और फिरोज खां को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एके शर्मा की अदालत में पेश किया।
इनमें शफीक और यूनुस अहमदाबाद बम धमाकों के मामले में आरोपी हैं।
अदालत ने पांचों को 17 नवंबर तक इंदौर के सेंट्रल जेल जेल भेजने का आदेश दिया। उन्हें मध्यप्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में शहर से 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।



<< पिछला अगला >>