वॉशिंगटन: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 26 नवंबर 2008 पर कुछ महत्वपूर्ण जगहों पर आतंकवादी हमले हुए थे। इन हमलों के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ माना जा रहा है। अब यह आतंकवादी संगठन एक बार फिर भारत पर किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी में है। अमरीकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन(एफबीआई) के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा भारत में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम दे सकता है और इसके लिए अमरीकी नागरिक को भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
एफबीआई के आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्यबल ने तीन अक्टूबर को डेविड कोलमैन हैडली इस व्यक्ति को फिलाडेल्फिया के लिए उड़ान पकड़ते समय गिरफ्तार किया था। उसका इरादा पाकिस्तान की यात्रा करने का था।
एफबीआई ने बताया कि हैडली (49 वर्ष) और पाकिस्तानी मूल के कनाडियाई नागरिक को वर्ष 2005 में पैगम्बर मुहम्मद साहब का कार्टून छापने वाले अखबार के कर्मचारियों पर हमले की साजिश रचने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
शिकागो निवासी पाकिस्तानी-कनाडियाई तहव्वुर हुसैन राणा (48 वर्ष) को पुलिस ने 18 अक्टूबर को पकड़ा। राणा के कई व्यवसाय हैं। इनमें फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विस भी शामिल है, जिसके कार्यालय शिकागो, न्यूयार्क और टोरंटो में भी हैं।
शिकागो न्यायालय में पेश एफबीआई के हलफनामे के अनुसार हैडली इलियास कश्मीरी और लश्कर-ए-तैयबा के कई अज्ञात सरगनाओं के नजदीकी संपर्क में था।
इलियास पाकिस्तान से गतिविधियां चलाने वाले आतंकवादी संगठन हरकत-उल जिहाद इस्लामी (हूजी) का पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सरगना है। माना जा रहा है कि इलियास इस समय पाकिस्तान के वजीरिस्तान इलाके में है। उसने इस महीने एक बयान जारी कर कहा था कि वह जीवित है और अल कायदा के साथ कार्य कर रहा है।
एफबीआई ने कहा कि जुलाई-अगस्त 2009 में हैडली ने लश्कर सरगनाओं के साथ कई ई-मेल संदेशों का आदान-प्रदान किया। एक ई-मेल में हैडली ने पूछा था कि क्या डेनमार्क साजिश पर अमल रोक दिया गया है और क्या वह भारत की यात्रा जाए, और क्या लश्कर के सदस्य 'ए' ने जो उसे भारत की यात्रा करने को कहा है, उसका मकसद नए आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए लक्ष्यों की खुफिया जानकारी जुटाना है?
एफबीआई ने कहा कि इससे साफ है कि डेनमार्क पर हमले की साजिश पूरी होने के बाद भारत पर हमला करने के लिए लश्कर हैडली का इस्तेमाल करने वाला था।



<< पिछला अगला >>