नई दिल्ली : पाकिस्तान में सुरक्षा हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और भारत का कहना है कि पड़ोसी देश के घटनाक्रम का उस पर असर होगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यह कहते हुए पाकिस्तान का ध्यान आतंकवाद के खतरे की भी ओर खींचने की कोशिश की कि कोई भी देश आतंकवाद प्रायोजित करने की, उसे बढ़ावा देने की या उसमें लिप्त होने की नीति को स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत का करीबी पड़ोसी है। वहां जो कुछ भी होता है, उसका असर भारत पर पड़ता है। उनसे पूछा गया था कि भारत पाकिस्तान की स्थिति को किस रूप में देखता है क्योंकि वहां लगभग प्रति दिन आतंकवादी हमले हो रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा, 'अगर आतंकवाद भारत के लिए बुरा है तो यह पाकिस्तान के लिए भी उतना ही बुरा है। अगर आतंकवाद से भारत पीड़ित होता है तो पाकिस्तान भी इससे पीड़ित होता है। संप्रग सरकार के पहले कार्यकाल में मुखर्जी विदेश मंत्री थे।'
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत आतंकवादी हमलों से परेशान पाकिस्तान के हाालात को चिंता की नजरों से देख रहा है। मुखर्जी ने कहा, 'जब हम कहते हैं कि आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तो हमारा मतलब है कि दुनिया के हर हिस्से में आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तब हम ऐसा नहीं कहते कि कोई एक देश आतंकवाद का शिकार होगा और दूसरा देश इसका शिकार नहीं होगा।'
मंगलवार को तीनों रक्षा सेवाओं के शीर्ष कमांडरों को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पाकिस्तान की स्थिति की ओर संकेत करते प्रतीत हुए थे। उन्होंने कहा था, 'हमारे पड़ोस में हालात बदतर हो गए हैं।'



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