नई दिल्ली : राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने आज इस बात पर चिंता जताई कि आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में काफी प्रगति होने के बावजूद देश की एक तिहाई आबादी अभी भी निरक्षर है और उनमें आधी संख्या महिलाओं की है। राष्ट्रपति ने आज यहां 26 राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों की 100 से अधिक नव साक्षर महिलाओं और श्रमसेवी अध्यापकों के समूह के साथ बातचीत में यह चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं के बीच बडे़ पैमाने पर व्याप्त निरक्षरता को समाप्त करने के लिए कारगर कदम उठाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने हालांकि इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस साल संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में उनके भाषण के बाद सरकार ने साक्षर भारत मिशन की शुरुआत की है।
इस मिशन का उद्देश्य अगले पांच साल के अंदर महिला निरक्षरता कम करना है। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि साक्षर भारत मिशन में अगर पुरुषों, महिलाओं और गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके इसे राष्ट्रीय आंदोलन में बदल दिया जाए तो इसके बेहतर परिणाम होंगे।



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