पलामू: ‘स्वास्थ्यकर्मी सुदूर गांवों में जाएं। देश की 80 प्रतिशत आबादी आज भी गांव में ही गुजर-बसर करती है। स्वास्थ्यकर्मी प्राथमिकता के आधार पर लोगों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराएं।’ उक्त बातें झारखंड सरकार के परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य मंत्री बैजनाथ राम ने पलामू में स्वास्थ्य सेवाओं का अवलोकन करने के उपरांत पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि आज भी सुदूर ग्रामीण इलाकों में लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। दुनिया में चिकित्सक को ‘भगवान का दूसरा रूप’ में कहा जाता है। अत: चिकित्सक ऐसा काम करें, जैसी समाज में उनकी छवि है। मंत्री बैजनाथ राम ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवा को दुरूस्त करने लिए एमबीबीएस डॉक्टरों के अलावा होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सकों से सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही बोर्ड का भी गठन कर लिया जाएगा। इस बोर्ड के गठन के बाद एमबीबीएस चिकित्सकों की तरह ही होम्योपैथिक चिकित्सकों को भी चिकित्सा की मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘आयुष मामले’ में जांच पहले से ही चल रही है। जरूरत पड़ेगी तो सरकार इस मामले में और सहयोग करेगी। मंत्री ने पलामू में मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा ताकि प्रस्ताव पर तत्काल चर्चा करा कर बजट उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि पलामू के सदर अस्पताल की क्षमता बढाकर उसे तीन सौ बेड वाला बनाया जाएगा। मंत्री के पलामू आगमन पर सिविल सर्जन डॉ. कामेंद्र सिंह, आरडीडीएच डॉ. आर. पी. सिन्हा सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे।




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