सिंगापुर। अगर मध्य-पूर्व में इजरायली सेनाओं का हमास पर हमला यूं ही जारी रहा तो तेल उत्पादक ओपेक देश उत्पादन में कटौती का अपना वादा तोड़ सकते हैं। हालांकि अमेरिकी बाजार में तेजी को देखते हुए ऐसा होने में थोड़ी देर हो सकती है, लेकिन जल्द ही कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं।
विश्लेषकों ने नाइजीरिया में विद्रोहियों की बढ़ती गतिविधि को लेकर भी आशंका जताई है। पिछले दिनों विद्रोहियों ने वहां के कुछ तेल उत्पादन संयंत्रों पर हमला किया था। इसके बाद नाइजीरिया सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर ये हमले बंद नहीं हुए तो विद्रोहियों के खिलाफ युद्धविराम समझौते को भंग भी किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, अगर नाइजीरिया में जंग शुरू होती है तो बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़कर 60 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं।
फिलहाल बाजार में कच्चे तेल के दाम 46 डॉलर प्रति बैरल से कुछ ऊपर हैं। अगर मध्य-पूर्व का संकट खत्म हो जाए तो दाम घटकर 34 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकते हैं। ऐसे में भारत सरकार को भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करने पड़ेंगे।



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