मेलबर्न : भारतीय छात्रों पर सिलसिलेवार हमलों के क्रम में अब नई वारदात 22 वर्षीय एक युवक के साथ हुई है जिसके चेहरे पर कुछ आस्ट्रेलियाइयों ने घूंसे मारे और उससे कहा कि यहां तुम जैसों के लिए जगह नहीं है। मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला साईं रतन तिवारी रविवार को अपने एक साथी के साथ मंदिर जा रहा था तब दो ऑस्ट्रेलियाइयों ने उसे रोका और पूछा कि कहां जा रहे हो।
इंफार्मेशन सिस्टम्स में बैचलर डिग्री करने के लिए एक वर्ष पहले यहां आए तिवारी ने कहा, 'मैंने उन्हें मंदिर जाने की जानकारी देने के बजाय कह दिया कि मैं घर जा रहा हूं। छात्र ने कहा- उन्होंने मेरे चेहरे पर घूंसा मारा और मुझसे कहा कि यहां तुम्हारे लिए कोई जगह नहीं है।' साथ ही कहा कि उसने अस्पताल जाने से इंकार कर दिया और इसके बदले इलाज घटनास्थल पर मौजूद एंबुलेंस में किया गया। तिवारी ने कहा कि जब उसके मित्र ने पुलिस को फोन करने का प्रयास किया तो हमलावर उसका फोन छीनकर घटनास्थल से फरार हो गये।
तिवारी ने कहा, 'हमने पुलिस बुलाई। वे 10 मिनट बाद पहुंचे और उसके बाद एंबुलेंस पहुंची। मैं वहां मूर्छित था, क्योंकि मेरा बहुत सारा खून बह गया था।' उसने कहा कि वह पहले ही यहां के महावाणिज्य दूतावास से संपर्क कर चुका है जहां से इलाज के लिए उसे एक चिकित्सक का नंबर दिया गया। इस वारदात की रिपोर्ट पहले ही फ्रैंक्टन पुलिस थाने को दी जा चुकी है। तिवारी ऑस्ट्रेलिया में छात्रों पर नस्ली हमलों का नया शिकार है। बीते सप्ताह इंजीनियरिंग के एक छात्र अमृत गोयल को एक महिला समेत ऑस्ट्रेलियाई युवकों के समूह ने नस्ली गालियां दी थी और उसकी बाईं आंख पर घूंसा मारा था। इस वर्ष जून से लेकर ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों में तीन दर्जन से अधिक छात्रों पर हमला किया जा चुका है।



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