नई दिल्ली : माकपा ने स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले की भलीभांति जांच कराने की मांग करते हुए आज कहा कि ए. राजा को दूरसंचार मंत्री के पद से हट जाना चाहिए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। माकपा ने कहा कि राजा की यह बात सुनकर हैरत होती है कि वह जांच के बावजूद पद पर बने रहेंगे। पार्टी ने कहा कि मंत्री अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। माकपा केन्द्रीय कमेटी ने एक बयान में कहा, 'निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है कि मंत्री अपने पद से हटें। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय कमेटी की तीन दिवसीय बैठक आज ही शुरू हुई।'
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा कि गुरुवार को संचार भवन में मारे गए छापे से हमारी आशंका की पुष्टि होती है और माकपा लगातार मांग करती आई है कि स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की भलीभांति जांच हो। सीबीआई ने दूरसंचार मंत्रालय के कार्यालयों में तलाशी की है। वह स्पेक्ट्रम आवंटन में निजी कंपनियों के साथ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की जांच कर रही है। इससे सरकार को 22 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। येचुरी ने कहा, 'उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जवाबदेही तय कराना चाहती है। हम चाहते हैं कि जो इतने भारी राजस्व नुकसान के दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही नुकसान हुए राजस्व की वसूली के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए।'
येचुरी ने कहा, 6राजा ने इस्तीफा देने से इंकार किया है। उनका कहना है कि वह नियम से चलेंगे। अब यह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी कैबिनेट पर निर्भर करता है कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वे आवश्यक कदम उठायें।'
माकपा के मुताबिक 2.जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन मामले की सीबीआई जांच की मांग काफी लंबे समय से की जा रही थी। केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह घोटाले की जांच करे। राजा ने पिछली रात इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था।



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