अहमदाबाद: अहमदाबाद में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। अहमदाबाद में अब स्थिति काफी भयावह हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जनता बयान जारी करना पड़ा। जिसमे उन्होंने कहा कि जहरीली शराब बनाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। से दो दिन पूर्व शहर के कंटोडियावास, ओढव और सरसपुर इलाके में हाहाकार रहा। जहरीली शराब ने शुक्रवार को शहर के पूरे पूर्वी इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इससे मरने वालों की संख्या 107 हो गई। हांलाकि, पुलिस मरने वालों का आंकड़ा 95 बता रही है, जिसमें एक महिला भी शामिल है।
इस घटना से सौ लोगों की आंखों की रोशनी पर भी असर हुआ है। उधर घटना के चलते शहरवासियों का फूटा गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। ओढव, निकोल इलाके में भीड़ ने पांच बसें तोड़ डाली और पुलिस पर पथराव किया।
स्वास्थ्य आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि जहरीली शराब के सेवन से अहमदाबाद शहर के विभिन्न इलाकों के 225 लोग प्रभावित हुए हैं।
राज्य में अब जहरीली शराब का मामला राजनीतिक रंग ले रहा है। कांग्रेस ने भाजपा के एक पार्षद पर इस शराब के सप्लाईर होने का आरोप लगाया है। विधानसभा में हंगामा, माइक तोड़े- जहरीली शराब से लोगों की मौतों को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को विधानसभा सदन में भी जमकर हंगामा किया। अनेक नागरिकों की मृत्यु का कारण बने जहरीली शराब प्रकरण पर विपक्ष को पिछले दो दिनों से चर्चा की अनुमति न दिए जाने के मुद्दे को लेकर विपक्ष के करीब 20 मिनट तक हंगामा व नारेबाजी करके विरोध प्रदर्शन किया।
जहरीली शराब की खुलेआम बिकवाली के चलते राज्य की एनएसयूआई इकाई ने आज राज्य भर की स्कूल-कॉलेजों के बंद का आह्वान किया है।




<< पिछला अगला >>