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अभिनव ने दिलाया भारत को पहला ओलिंपिक गोल्‍ड
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Posted On: 30-Nov--0001 12:00:00 AM Font Size: Increase Font Size Decrease Font Size

बीजिंग। भारत के निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक खेलों की 10 मीटर एयर रायफल स्पद्र्धा का स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह भारत के ओलंपिक इतिहास में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए है।

ओलंपिक में हाकी को छोड़कर भारत कभी किसी खेल में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाया था लेकिन बिंद्रा ने नया इतिहास रचते हुए न केवल स्वर्ण जीता बल्कि भारत को बीजिंग ओलंपिक की पदक तालिका में भी स्थान दिला दिया। 25 वर्षीय बिंद्रा ने भारत को 28 वर्षो के अंतराल के बाद ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाया। भारत ने वर्ष 1980 के मास्को ओलंपिक में हाकी का स्वर्ण जीता था। भारतीय निशानेबाजों से पदक की जो उम्मीदें लगाई जा रही थीं उसे राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुके अभिनव ने पूरा कर दिखाया। वह निशानेबाज राज्यव‌र्द्धन राठौर से एक कदम आगे बढ़ गए जिन्होंने एथेंस ओलंपिक में रजत पदक जीता था। अभिनव ने 10 मीटर एयर रायफल स्पद्र्धा का स्वर्ण 700.5 के स्कोर के साथ जीता। उनके स्वर्ण जीतते ही वहां रेंज में मौजूद सभी भारतीय समर्थक खुशी से झूम उठे। मेजबान चीन के जू किनान ने 699.7 अंकों के साथ रजत पदक जीता जबकि फिनलैंड के हेनरी हक्कीनेन ने 699.4 अंक हासिल करके कांस्य पदक प्राप्त किया।

बिंद्रा की जीत से उत्साहित भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने कहा, ''वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज है और मुझे लगता है कि उसके इस प्रदर्शन से पूरे दल का मनोबल बढ़ेगा।' राष्ट्रीय कोच सन्नी थॉमस ने कहा, 'हम सभी काफी खुश हैं। वह कड़ी मेहनत करने वाला एथलीट है। पूरा निशानेबाजी दल जश्न मना रहा है। हमें उस पर गर्व है और यह तो सिर्फ शुरुआत है। अभिनव काफी धैर्य और संयम रखने वाला लड़का है और वह अति उत्साहित नहीं होता।' खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित बिंद्रा ने इससे पहले 2002 राष्ट्रमंडल खेलों की युगल स्पर्धा में स्वर्ण जबकि व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता था।

इससे पहले गगन नारंग इसी स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश करने से चूक गए थे। वह 600 में से 595 अंक जुटाकर नौवें स्थान पर रहे। नारंग ने 97, 100, 100, 100, 98, 100 के राउंड खेले।

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