सैंन जोस: लैटिन अमेरिका के प्राचीन और मॉस्ट स्टेबल डेमाकरेसी में रविवार को पहली बार महिला राष्ट्रपति को चुना गया है। पचास वर्षीय लौरा चिनचिला ने अपने विरोधी को 25 प्रतिशत वोट से हराकर 47 प्रतिशत वोटों से जीत प्राप्त की। सर्वोच्च निर्वाचन कोर्ट ने उनकी विजय की पुष्टि कर दी है और अब चिनचिला 45 लाख की आबादी वाले देश की राष्ट्रपति बनेंगी।
यूनाईटेड स्टेट में 15 साल बाद कोई पहला ब्लैक लीडर चुना गया है। चिनचिला नेशनल लाइब्रेशन पार्टी की हैं। इस से पहले वों देश की उपराष्ट्रपति और न्याय मंत्री भी रह चुकी हैं। वो अपना कार्यभार आठ मई से संभालेंगी।
चिंचिला ने जीत के बाद कहा कि वह उदारीकरण की प्रक्रिया को जारी रखेंगी और व्यापार समझौतों तथा निवेश की योजनाओं का विस्तार करेंगी। उन्होंने निवर्तमान सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यो के लिए उनकी सराहना की और देश की विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।
चिंचिला को सामाजिक मूल्यों में रूढिवादी माना जाता है क्योंकि वे गर्भपात और समलैंगिक विवाहों की मुखर विरोधी है लेकिन वे महिलाओं की प्रेरणास्त्रोत भी मानी जाती है।



<< पिछला अगला >>