भद्रक: भारत ने रविवार को लंबी दूरी तक मार करने वाली परमाणु-क्षमतायुक्त स्वेदशी मिसाइल अग्नि-3 का परीक्षण किया। इसके साथ ही देश उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास मध्यवर्ती श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल हैं।
रक्षा सूत्रों के अनुसार उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से करीब 200 किलोमीटर दूर भद्रक जिले के व्हीलर द्वीप स्थित प्रक्षेपण स्थल से सुबह 10.46 बजे 3,000 किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता वाली 1.5 टन वजनी मुखास्त्र ले जाने में सक्षम मिसाइल का प्रक्षेपण किया गया।
अग्नि-3 का यह चौथा परीक्षण था। इसी परीक्षण स्थल से नौ जुलाई 2006 को इसका पहला परीक्षण विफल हो गया था। रॉकेट का दूसरा चरण मिसाइल से फौरन अलग न हो सका था और वह लक्ष्य से पहले ही गिर गई थी।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 12 अप्रैल 2007 और नौ मई 2008 को फिर मिसाइल का परीक्षण किया और दोनों परीक्षण सफल रहे।
अग्नि-3 दो चरणों की ठोस प्रणोदक मिसाइल है। इसकी लंबाई 17 मीटर और व्यास दो मीटर तथा वजन 50 टन है।
अग्नि-1 750-800 किलोमीटर मारक क्षमता वाली कम दूरी की मिसाइल है और अग्नि-2 1,500 किलोमीटर क्षमतावाली मध्यम दूरी की मिसाइल है। ये दोनों मिसाइलें पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी हैं।




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