हम लोग राजनीति में बढ़ते हुए अपराधीकरण और भ्रष्टाचार की निंदा करते हैं। हरदोई जिले के भरावन ब्लाक में स्थित ऐरा काके मऊ ग्राम पंचायत की प्रधान उर्मिला देवी के पति, घनश्याम, जो अपनी पत्नी के नाम पर पंचायत का सब काम सँभालते हैं, उन्होंने 14 जनवरी 2009 को दलित मजदूरों को बर्बरता से लाठी से मारा।
मजदूरों की लाठी से पिटाई घनश्याम ने सिर्फ़ इसलिए की क्योंकि इन दलित मजदूरों को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत या तो वाजिब मेहनताना नहीं मिला था, या फिर उनके ''जॉब कार्ड' मजदूरों को नहीं दिए गए थे या फिर जॉब कार्ड पर सही आंकड़ें नहीं लिखे हुए थे।
घनश्याम, जिन्होंने इन दलित मजदूरों को बर्बरता से पीटा था, वोह बहुजन समाज पार्टी के विज्ञानं एवं प्रोद्योगिकी मंत्री अब्दुल मन्नान के इस विधान सभा चुनाव क्षेत्र के कोषाध्यक्ष हैं।
बहुजन समाज पार्टी के विज्ञानं एवं प्रोद्योगिकी मंत्री अब्दुल मन्नान 31 जनवरी 2009 को इसी ग्राम पंचायत में एक सभा में भाग लेने जा रहे हैं। हमारा मानना है कि अब्दुल मन्नान के राजनीतिक संगरक्षण की वजह से अपराधी घनश्याम जिसने दलित मजदूरों को लाठी से बर्बरतापूर्वक पीटा, कानून से बचा हुआ है। अब्दुल मन्नान के इसी ग्राम पंचायत में सभा में भाग लेने से घनश्याम को अधिक संगरक्षण मिलेगा।
यदि अब्दुल मन्नान इस सभा में जायेंगे, और यह नज़र-अंदाज़ करेंगे कि इसी घनश्याम ने दलित मजदूरों को लाठी से पीटा था, तो हम सब यह मानेंगे कि बहुजन समाज पार्टी, दलित मजदूरों पर अत्याचार करने वालों को राजनीतिक संगरक्षण दे रही है।
राजनीति में बड़े पमाने पर बढ़ते हुए भ्रष्टाचार और अपराधीकरण के ख़िलाफ़ हम सब अब खुल कर एक मजबूत जन-आन्दोलन खड़ा करेंगे। यह इसकी शुरुआत है।
यदि बहुजन समाज पार्टी के कैबिनेट मंत्री अब्दुल मन्नान, दलित मजदूरों पर लाठी चलाने वाले का समर्थन करेंगे, तो हम सब यही मानेंगे कि बहुजन समाज पार्टी ऐसे अपराधियों का समर्थन कर रही है।
अधिक जानकारी के लिए, संपर्क करें:
डॉ संदीप पाण्डेय (मैगसायसाय पुरुस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता), अरुंधती धुरु (नर्मदा बचाओ आन्दोलन कार्यकर्ता), नीलकमल (
9453898067), चुन्नी लाल आदि



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