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नागपुर टेस्‍ट: स्‍टेन ने दिए गहरे दाग, भारत पर पारी की हार का खतरा
डेल स्‍टेन ने ढाया टीम इंडिया पर कहर
डेल स्‍टेन ने ढाया टीम इंडिया पर कहर

नागपुर: 7 ओवर, 12 रन, 6 विकेट, जिसमें से 5 डेल स्‍टेन के खाते में। तीसरे दिन टी ब्रेक के बाद भारतीय टीम की पहली पारी की ये कहानी खुद-ब-खुद भारत के संकट की कहानी बयां कर देती है। संकट तब और गहरा हो गया, जब फॉलोऑन कर रही भारतीय टीम के दोनों सलामी बल्‍लेबाज दूसरी पारी में भी जल्‍दी ही पेवेलियन रवाना हो गए। पहली पारी के आधार पर 325 रनों से पिछड़ रही टीम इंडिया का स्‍कोर तब महज 24 रन था। यानि तीसरे दिन के अंतिम सेशन में भारत ने 78 रनों पर आठ विकेट गंवाए। 

दूसरे शब्‍दों में कहें तो नागपुर टीम इंडिया के लिए फिलहाल ‘संकट सिटी’ में तब्‍दील हो गया है। तीसरे दिन का खेल खत्‍म होने पर भारत ने 2 विकेट के नुकसान पर 66 रन बनाए हैं। मुरली विजय 27 और सचिन तेंदुलकर 15 पर नाबाद हैं। भारत को पारी की हार टालने के लिए 259 रनों की जरूरत है और उसके पास सिर्फ 8 विकेट बचे हैं, जिसमें राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्‍मण जैसे टेस्‍ट के बेस्‍ट बल्‍लेबाज शामिल नहीं हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका के पास भारतीय टीम को आउट करने के लिए पर्याप्‍त समय और बेहतरीन गेंदबाज दोनों मौजूद हैं। भारत की उम्‍मीदें मुख्‍य रूप से सचिन तेंदुलकर पर टिकी हैं। 

दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के 558 रनों के विशाल स्‍कोर के जवाब में भारतीय टीम वीरेंद्र सहवाग के शतक और पहला टेस्‍ट खेल रहे सुब्रमण्‍यम बद्रीनाथ के अर्द्धशतक के बावजूद पहली पारी में महज 233 रनों पर सिमट गई। भारत के आठ बल्‍लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। तीन तो खाता भी नहीं खोल सके। इसका मुख्‍य श्रेय जाता है टेस्‍ट रैंकिंग में नंबर एक के स्‍थान पर काबिज डेल स्‍टेन को, जिन्‍होंने टी ब्रेक के बाद भारतीय पारी को तहस नहस कर दिया और पहली पारी में 51 रन पर 7 विकेट लेकर अपने टेस्‍ट करियर का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन किया। दूसरे दिन भारत के गिरे 12 विकेटों में से 8 स्‍टेन के खाते में गए। टी ब्रेक के बाद गिरे 8 विकेटों में से 6 स्‍टेन ने लिए।

दूसरे दिन के अपने स्‍कोर 25/0 से भारत ने आगे खेलना शुरू किया, तो लोगों को भारत की शानदार सलामी जोड़ी- गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग से बड़ी उम्‍मीदें थीं। लेकिन, ये उम्‍मीद जल्‍दी ही टूट गई, जब गंभीर अपने पिछले दिन के स्‍कोर में बिना कोई रन जोड़े मोर्नी मोर्कल की एक बेहतरीन गेंद पर विकेटकीपर मार्क बाउचर द्वारा कैच कर लिए गए। उसके बाद क्रीज पर आए विजय भी केवल 4 रन बनाकर स्‍टेन की एक शानदार गेंद को पढ़ नहीं सके और बोल्‍ड हो गए। टीम इंडिया को तेंदुलकर से बहुत उम्‍मीदें थीं, लेकिन उन्‍होंने भी निराश किया। वे भी केवल 7 रन बनाने के बाद स्‍टेन की एक शानदार गेंद पर विकेट के पीछे बाउचर के हाथों लपक लिए गए। दूसरे छोर पर सहवाग अपने स्‍वाभाविक अंदाज में खेलते रहे। लेकिन, दूसरे छोर से उन्‍हें साथ नहीं मिल पा रहा था।

तेंदुलकर के आउट होने के बाद बद्रीनाथ अपनी पहली टेस्‍ट पारी खेलने आए और सहवाग के साथ पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया। दोनों चौथे विकेट के लिए 136 रनों की साझेदारी की और कुछ हद तक पारी को संभाला। इस बीच सहवाग ने अपने टेस्‍ट करियर का 18वां शतक लगाया। लेकिन, शतक लगाने के बाद वे ज्‍यादा देर टिक नहीं सके। तेज गेंदबाज वायने पर्नेल की एक गेंद को वे ठीक से जज नहीं कर पाए और गेंद को बाउंड्री के बाहर भेजने के प्रयास में जे. पी. डूमिनी के हाथों कैच कर लिए गए। सहवाग ने 139 गेंदों में 15 चौकों की सहायता से 109 रन बनाए। तब भारत का स्‍कोर 192 रन था। 

इसके बाद कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर आए। उन्‍होंने बद्रीनाथ के साथ पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया। टी ब्रेक तक दोनों बल्‍लेबाजों ने भारत को कोई नुकसान नहीं होने दिया और स्‍कोर को 4 विकेट के नुकसान पर 221 रन तक ले गए। हालांकि, धोनी बहुत विश्‍वासपूर्वक नहीं खेल पा रहे थे। उन्‍हें अपना खाता खोलने के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच बद्रीनाथ ने अपनी पहली टेस्‍ट पारी में ही अपना अर्द्धशतक ठोक डाला। इस समय तक ऐसा लग रहा था कि भारत शायद फॉलोऑन टालने में कामयाब हो जाए। लेकिन, टी ब्रेक के बाद मैच की कहानी पूरी तरह मेहमान टीम के पक्ष में हो गई।

टी के तुरंत बाद धोनी स्पिनर पॉल हैरिस की स्पिन और उछाल लेती हुई गेंद पर अपने को गेंद की लाइन से अलग नहीं कर पाए और गेंद उनके दास्‍तानों को छूती हुई स्लिप में खड़े जैक्‍स कालिस के सुरक्षित हाथों में पहुंच गई। धोनी केवल 6 रन बना सके। इसके अगले ही ओवर में बद्रीनाथ ने स्‍टेन की एक गेंद को ऑन साइड में खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद को जमीन पर नहीं रख सके और शॉर्ट मिडविकेट पर एश्‍वेल प्रिंस को कैच दे बैठे। बद्रीनाथ ने 195 गेंदों में 56 रन बनाए। पहला टेस्‍ट खेल वृद्धिमान साहा भी इसी ओवर में स्‍टेन की अंदर आती गेंद पर बिना खाता खोले बोल्‍ड हो गए।

इसके बाद स्‍टेन ने जहीर खान को 2 रन के निजी स्‍कोर पर बोल्‍ड किया। उसके बाद अमित मिश्रा भी स्‍टेन की गेंद पर बिना खाता खोले बोल्‍ड हुए। हरभजन सिंह को स्‍टेन 8 रन के निजी स्‍कोर पर एलबीडब्‍ल्‍यू कर भारतीय पारी काम तमाम कर दिया। ईशांत शर्मा शून्‍य पर नाबाद रहे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से स्‍टेन ने 51 रन देकर 7 विकेट लिए, जबकि मोर्कल, पर्नेल और हैरिस को एक-एक कामयाबी मिली। 

325 रनों की विशाल बढ़त हासिल करने के बाद मेहमान टीम के कप्‍तान ग्रीम स्मिथ ने भारतीय टीम को फॉलोऑन का कड़वा आमंत्रण दिया। भारत की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्‍छी नहीं रही और गौतम गंभीर केवल एक बनाकर दिन में दूसरी बार पेवेलियन लौट गए। वे मोर्कल की एक अंदर आती गेंद को ठीक से नहीं पढ़ पाए। उन्‍होंने गेंद को विकेटकीपर के पास जाने के लिए छोड़ दिया, लेकिन उनका अंदाजा सही साबित नहीं हुआ और गेंद उनके लेग स्‍टंप की गिल्‍ली ले उड़ी। तब भारत का स्‍कोर केवल एक रन था। उसके बाद सहवाग ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए, लेकिन स्‍टेन की एक गेंद ने उनके बल्‍ले का बाहरी किनारा लिया और कप्‍तान स्मिथ ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। सहवाग ने 19 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 16 रन बनाए। 

सहवाग के आउट होने के बाद विजय और सचिन ने संभलकर खेलना शुरू किया और बिना कोई विकेट खोए तीसरे दिन का खेल खत्‍म होने तक भारत का स्‍कोर 2 विकेट के नुकसान 66 रन पहुंचा दिया है। अब यह देखना है कि भारत पारी की हार को टालने में कामयाब हो पाता है कि नहीं। टेस्‍ट में अभी दो दिनों का खेल बाकी है भारत को पारी की हार टालने के लिए 259 रनों की जरूरत है। दक्षिण अफ्रीका के लिए इस टेस्‍ट में जीत का सुनहला मौका है। अब कोई चमत्‍कार ही भारत को करारी पराजय से बचा सकता है।

 

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