Sunday March 14,2010 | Last Updated 09:01 AM .
Report a Problem
Welcome, Guest
यूजर नेम/ईमेल पासवर्ड
होम देश दुनिया राजनीति खेल अर्थ जगत मनोरंजन विकास लाइफ स्‍टाइल विज्ञान-तकनीक युवा कोना जिंदगीनामा साक्षात्‍कार विविध विचार साहित्‍य-संस्‍कृति नागरिक पत्रकारिता क्राइम
तम्बाकू उत्पादनों पर चित्रमय चेतावनियों का अनुपालन सख्ती से नहीं
Bookmark and Share

कीवर्ड
,


प्रकाशन तरीख : 26-Aug-2009 15:14:24 Font Size:

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के १५ मार्च २००८ को जारी निर्देश के अनुसार ३१ मई २००९ के बाद पूरे देश में तम्बाकू उत्पादनों पर चित्रमय चेतावनी लगाना कानूनन जरूरी हो गया है।

परन्तु एक जनता जांच के दौरान यह ज्ञात हुआ कि भारत में जगह जगह तम्बाकू उत्पादनों पर सख्ती से चित्रमय चेतावनी नहीं लगायी जा रही हैं और इस सरकारी निर्देश का उल्लंघन हो रहा है। इस जनता जांच में भारत के ९ प्रदेशों से ६० तम्बाकू उत्पादनों को परखा गया जिसमें १७ धूम्रपान वाले तम्बाकू उत्पादन थे और ४३ धुआं-रहित तम्बाकू उत्पादन।

कई ऐसे तम्बाकू उत्पादन पाये गए जिनपर कोई भी चित्रमय चेतावनी लगी नहीं थी या नियमानुसार नहीं लगी थी।

"जिस इरादे के साथ यह चित्रमय चेतावनी निर्देश जारी किया गया है, उसको पूर्ण नहीं किया जा रहा है. चित्रमय चेतावनी को लागू करने में यूँ भी दो साल से अधिक तक की देरी की गई और अब जब यह जारी हुआ तो इसको लागू कमजोरी से किया जा रहा है। चित्रमय चेतावनी निर्देश को लागू करने (३० मई २००९) से ठीक २ महीने बाद, ३० जुलाई २००९ को उन अधिकारियों को सरकारी निर्देश द्वारा सूचित किया गया जो इसको लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं. तब तक अधिकतर तम्बाकू कंपनियां इस निर्देश का उल्लंघन कर चुकीं थीं" कहना है मोनिका अरोड़ा का, जो ह्रदय नामक संस्थान की निदेशिका हैं।

चित्रमय चेतावनी लागू करने में चंद मुख्य कमियां जो पायी गयीं हैं, वो इस प्रकार हैं:

- चित्रमय चेतावनी का आकार: चित्रमय चेतावनी का आकार तम्बाकू पाकेट के आगे वाले सबसे बड़े भाग के ४०% से कम हैं। जिन ६० तम्बाकू उत्पादनों को परखा गया, उसमें से २५ गुटखा के ब्रांड, १० खैनी के ब्रांड एवं २ बीड़ी के ब्रांड ऐसे पाये गए जिनपर चित्रमय चेतावनी छोटी थी।

- तम्बाकू पाकेट पर भ्रामक शब्द लिखे गए थे: हालाँकि भारत में ऐसे शब्दों को लिखने पर प्रतिबन्ध है, परन्तु ५ सिगरेट ब्रांड एवं ४ चबाने वाली तम्बाकू के ब्रांड पर ऐसे भ्रामक शब्द लिखे पाये गए।

- तम्बाकू सेवन को बढ़ावा देता हुआ संदेश: १० तम्बाकू ब्रांड पर ऐसा संदेश लिखा हुआ पाया गया जो तम्बाकू सेवन को बढ़ावा देता है।

- कोई भी चित्रमय चेतावनी नहीं: कई ऐसे तम्बाकू उत्पादन पाये गए जिनपर कोई भी चित्रमय चेतावनी नहीं प्रकाशित थी. ८ चबाने वाली तम्बाकू ब्रांड एवं ९ धुएँ वाले तम्बाकू उत्पादनों पर कोई भी चित्रमय चेतावनी नहीं थी।

- सही चित्रमय चेतावनी नहीं: ३ ब्रांड ऐसे पाये गए जिनपर सही चित्रमय चेतावनी जो सरकारी निर्देश में दी गई है, वो नहीं प्रकाशित है।

- भाषा: कुछ तम्बाकू उत्पादनों पर चित्रमय चेतावनी उस भाषा में नहीं है जिस भाषा में '''''पाकिंग' पर ब्रांड का नाम छपा है।

"कुछ गुटखा कंपनियां चित्रमय चेतावनी जन हितैषी कानून को दर-किनार कर ४०% से काफी कम जगह चेतावनी को दे रही हैं, और ४०% जगह पर सफ़ेद रंग या 'बॉर्डर' बनाया जा रहा है। सरकार को चाहिए कि जन हितैषी कानून को सख्ती से लागू करे" कहना है बाबी रमाकांत का, जो इंडियन सोसाइटी अगेंस्ट स्मोकिंग, आशा परिवार से जुड़े हुए हैं।

यह एक षडयंत्र जैसा ही है कि चित्रमय चेतावनी निर्देश के जारी होने के इतने समय के बाद भी सभी तम्बाकू उत्पादनों पर चेतावनी नियमानुसार नहीं छप रही है और उद्योग इस जन हितैषी नीति को दरकिनार करने का हर सम्भव प्रयास कर रहा है. यह सभवत: ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकारी निर्देश में 'विक्रय' शब्द को बदल कर 'निर्मित/ आयात' शब्द छपा है जिससे तम्बाकू उद्योग को यह संदेश चला गया है कि इस निर्देश के प्रति हम संजीदा नहीं है, कहना है हे़लिस - सेखसरिया इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हे़ल्थ के निदेशक डॉ पी.सी.गुप्ता का।

इस लेखक की दूसरी खबरें
  • टी.बी. की वजह से महिलाएं हो जाती हैं बेघर
  • प्रो. रमा कान्त को 2010 का ‘अमृतलाल नागर सम्मान ’
  • डॉ रमा कान्त सर्जन्स एसोसिएशन की उप्र इकाई अध्यक्ष बने
  • यूपी : ए.एस.आई. की 35वीं वार्षिक संगोष्ठी आज से शुरु
  • प्रथम विश्व निमोनिया दिवस पर विशेष: निमोनिया से होने वाली मौतों को घटाने के लिए प्रतिबद्धता जरूरी
  • यह कैसी आजादी है?
  • लोकसभा चुनावों में अखबारों ने तोड़ा पाठकों का भरोसा
  • वाह शाद वाह! लखनऊ के एक बेहतरीन शायर से एक मुलाक़ात
  • आतंकवाद एवं साम्प्रदायिकता की राजनीति
  • न्यायालय द्वारा मजदूरों के बेरोज़गारी भत्ते के कानूनी अधिकार पर स्थगनादेश
  • चर्चा मंच
      

    << पिछला अगला >>
    अभी तक कोई टिप्‍पणी नहीं की गई है। अगर पहले व्‍यक्ति बनना चाहते हैं तो चर्चा शुरू करें।

    अपनी टिप्‍पणी दें:
    नाम:
    ईमेल:
    आपका वेबसाइट/ब्‍लॉग:
    भाषा चुनॆ :
    आपकी टिप्‍पणी:  

    नीले बॉक्‍स में दिखाई दे रहे नंबर को यहां डालें। :  

     
    FIH Hockey World Cup 2010
    नागरिक पत्रकार लॉगिन
    यूजर नेम/ईमेल
    पासवर्ड
    नए यूजर यहां क्लिक करें ? रजिस्‍टर
    देश: अन्‍य खबरें
    आज की बड़ी खबरें
    आपका मत
    क्‍या महिला आरक्षण बिल में 'आरक्षण के अंदर आरक्षण' होना चाहिए?
    हां
    नहीं
    निर्णय करने की स्थिति में नहीं हूं
    आमने-सामने   RSS 
     बॉलीवुड के हास्य अभिनेता साइरस ब्रोचा
    द्वारा: कौशल यादव
    नई दिल्ली: बॉलीवुड के हास्य अभिनेता साइरस ब्रोचा का कहना है कि फिल्मी कलाकारों को सबसे खराब अभिनय के लिए पिछले वर्.... पूरा पढ़ें
    होम | देश | दुनिया | राजनीति | खेल | अर्थ जगत | मनोरंजन | विकास | लाइफ स्‍टाइल | विज्ञान-तकनीक | युवा कोना | जिंदगीनामा | साक्षात्‍कार | विविध | विचार | साहित्‍य-संस्‍कृति | नागरिक पत्रकारिता
    हमारे बारे में | संपर्क करें | फीडबैक | नियम व शर्तें | डिस्‍क्‍लेमर | FAQ | मेरी खबर पर विज्ञापन
    ट्यूटोरियल | समस्‍या बताएं? | वीडियो | फोटो | ब्‍लॉग | आरएसएस | रजिस्‍टर | पासवर्ड गुम
    Copyright www.merikhabar.com All rights reserved.